September 24, 2022
Success Tips in Hindi

ये 11 बाते आपको सफल बना देंगी । Success Tips in Hindi

11 Success Tips in Hindi

1.बहस करके बात मनवाने की कोशिश बेकार – बहस से मिलने वाली क्षणिक विजय खोखली होती है। इससे सामने वाले के विचार नहीं बदलते। अपने कार्य से लोगों को प्रभावित करना चाहिए। बहस करना शोर करने जैसा ही है। बहस करके अपनी बात मनवाने या जीतने की कोशिश करने में दिक्कत यह है कि आप यकीन से कभी यह नहीं कह सकते कि सामने वाले पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है।

2. अपनी टु-डु लिस्ट पर गौर करें – याद रखें, व्यक्तिगत तौर पर हम तभी खुश रह सकते हैं जब प्रोफेशनल स्तर पर हम काफी हद तक संतुष्ट हों। इसके लिए नियमित रूप से, सरलता के साथ अपनी प्राथमिकताओं पर और काम के लिए तैयार की गई अपनी टु-डु लिस्ट पर लगातार गौर करते रहें। आप महसूस करेंगे इससे आपकी प्रोडक्टिविटी काफी हद तक बढ़ जाएगी। साथ ही फोकस भी बढ़ जाता है।

3. शारीरिक व मानसिक, दोनों पर ध्यान दें – शोध बताते हैं कि जो लोग हफ्ते में कम से कम दो दिन व्यायाम करते हैं, वो हर दिन ज्यादा खुश रहते हैं। केवल 20 मिनट का व्यायाम ही मूड बूस्टर साबित होता है। दिमागी सेहत के लिए नियमित मेडिटेशन ‘लाइफ सेवर’ साबित होता है। विज्ञान बताता है कि हर दिन 30 मिनट का समय लिखने और पढ़ने जैसे कामों के लिए निकालने से भी मेंटल हेल्थ में सुधार महसूस होता है।

4. लगातार सीखते रहेंगे तभी जीवन में आगे बढ़ंगे – जीवन में आपको कुछ चीजें सीखनी होंगी और कुछ भूलनी होंगी। आप अपने ज्ञान और योग्यता के वर्तमान स्तर पर एक जगह कैद हैं। आप अभी जो जानते हैं, केवल उसकी बदौलत आगे नहीं बढ़ सकते। आपका भविष्य काफी हद तक इस पर निर्भर करता है कि इसके बाद आप क्या सीखते हैं। यही सफलता हासिल करने का तरीका है। बस इसके आसान होने की उम्मीद न करें।

5. लक्ष्य के साथ भावना और चरित्र निर्माण को जोड़कर देखिए – अपने लक्ष्य से जब आप अपनी भावनाओं को जोड़ते हैं तो अपने दिमाग के घोड़ों को दौड़ने पर मजबूर करते हैं। आपका दिमाग सक्रिय हो जाएगा और विचारों की झड़ी लगा देगा। जब आप लक्ष्य को भावना के साथ जोड़ते हैं तो रचनात्मकता को गति देते हैं। चरित्र हमें जन्म से ही प्राप्त नहीं होता। ये समय के साथ सीखा हुआ व्यवहार है। व्यक्ति मुसीबत के वक्त चरित्र निर्माण नहीं करता, पहले से कर रहा होता है। मुसीबत में वो केवल अपनी तैयारी का प्रदर्शन करता है।

6. जो भी काम करते हैं उसकी पूरी जिम्मेदारी लें – अपने साथ होने वाली हर बात को जिम्मेदारी लें। आप आज जहां और जिस हाल में हैं, वह इसलिए हैं कि आपने ऐसा फैसला किया था। आप बाकी जिंदगी में जो कुछ हासिल करेंगे उसका निर्धारण भी इससे होगा कि आप क्या कदम उठते हैं या उठाने से चूक जाते हैं।

7. कोई भी काम दिल से करंगे तो उत्साह से भर उठेंगे – उत्साह या उत्साह की कमी आपके हर काम में दिखती है, हर बात में प्रकट होती है। इसलिए दिल से मुस्कराएं। जब मुस्कराएं तो दिखना चाहिए कि आप मुस्करा रहे हैं। दिल से धन्यवाद दें। जब आप अपने शब्दों में भावनाओं के रंग भरते हैं, तो लोग आपकी बाते ध्यान से सुनते हैं और उन्हें महत्तव देते हैं। जब आप दिल से बोलते हैं तो अपने अंदर जोश भर लेते हैं।।

8. गलती मानने में कभी हिचकना नहीं चाहिए – उम्र के साथ नई गलतियां करना स्वाभाविक है। इसमें शर्म या हिचक महसूस नहीं करना चाहिए। खुद से सहानुभूति रखें और गलती मानना सीखें। बुद्धिमानी गलती न करने में नहीं, बल्कि इसमें है कि गलती करने के बाद आप कैसे अपना मान और गौरव बनाए रखते हैं। स्वभाव जितना लचीला होगा उतनी जल्दी आप नई गलतियों को स्वीकार करना सीखेंगे।

9. अपना उद्देश्य तलाशे – जिंदगी का उद्देश्य ऐसी भावना और अनुभूति है जब आप अपने आपसे बड़े हो जाते हैं। उद्देश्य सच्ची खुशी देते हैं। इसलिए बड़ी चीज़े सिर्फ उन्नति करने के लिए मत करते रहिए बल्कि एक उद्देश्य के साथ जीवन में आगे बढ़िए। उद्देश्य बिना खालीपन सा लगता है अगर आपके जीवन में उद्देश्य की कमी है, तब सफलता हासिल करके भी अंत में कुछ मायने नहीं रखता। जीवन में गलत चीजों की ओर देखेंगे, तो निराशा होगी।

10. संतुष्टि ही खुशी है – कई लोग खुशी को मजे से जोड़ लेते हैं। सच्ची खुशी का मतलब रोज कुछ न कुछ सार्थक करने से है, ऐसा काम जो लोगों की मदद करे। जिंदगी में रोज फन नहीं होता। लेकिन सार्थक काम हम रोज कर सकते हैं। रिश्ते सबसे बड़ी पूंजी है, आगे बढ़ने के लिए जिंदगी में रिश्ते बहुत जरूरी हैं। इन्हीं से सच्ची खुशी मिलती है।

11. ‘बाइंग एन आप्शन’ की रणनीति अपनाएं – डिसिजन मेकिंग में ‘बाइंग एन आप्शन’ का अर्थ होता है किसी भी जरूरी निर्णय को लेने से पहले उसके बारे में पूरा ज्ञान लेना, पूरी जानाकरी हासिल करना। जैसे- कंपनी खरीदें या पार्टनरशिप का विकल्प अपनाएं। या फिर कंपनी में छोटा निवेश करने के बारे में भी सोचा जा सकता है। काफी दिनों से एक निर्णय पर रुके हैं तो खुद को डेडलाइन दें। इस तरह आप कई पहलू तय कर पाएंगे। क्या डेटा और एनालिटिक्स के बारे में सोचना चाहिए? ज्यादा लोगों को शामिल करना चाहिए या मुद्दों को गहराई से जानना चाहिए या कुछ देर दिमाग को आराम देना चाहिए।

हम आशा करते हैं कि “Success Tips in Hindi” आर्टिकल आपको पसंद आया होंगा। जिससे आपको अपनी नकारात्मक सोच को सकारात्मक बनाने और अपनी सफलता प्राप्त करने में सहयोग मिलेंगा। दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा आर्टिकल आपको कैसा लगा ? ताकि ऐसे ही ओर आर्टिकल हम आपके लिए प्रकाशित करते रहे।

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