September 24, 2022
Student Motivational Speech In Hindi.

Student Motivational Speech In Hindi । अपनी प्रतिक्रिया चुनने से पहले क्षण भर सोचे

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस नए आर्टिकल Student Motivational Speech In Hindi में। दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं एक विद्यार्थी के जीवन काल में सबसे जरूरी होता है एक प्रेरणा का स्रोत जो उसे चिंताजनक हालात से निकालकर सफलता की राह पर ले जाता है। उसकी चिंताजनक क्रिया पर अपनी प्रेरणादायक प्रतिक्रिया देता है और उसे गहन अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है।

ऐसा ही एक प्रेरणा का स्रोत हम भी उन स्टूडेंट्स के लिए लाए हैं जो या तो अपनी राह से भटक चुके हैं या अपनी सफलता की मंजिल पाने के लिए किसी मानसिक मार्गदर्शन की तलाश में है। एक बार यह आर्टिकल पूरा जरूर पढ़िए हमें आशा है यह आपकी सफलता पाने में कारगर साबित जरूर होगा

Student Motivational Speech In Hindi

एक शोध प्रक्रिया – एक शिक्षक ने कक्षा के सभी स्टूडेंट्स को टॉफी देकर कहां, ‘सुनो, कोई भी अगले 10 मिनट इसे नहीं खाएगा।’ फिर वे कक्षा से बाहर चले गए। कक्षा में शांति थी, सभी स्टूडेंट सामने रखी टॉफी को देख रहे थे और उन्हें एक-एक पल खुद को रोकना मुश्किल हो रहा था। दस मिनट बाद शिक्षक लौटे तो उन्होंने देखा कि पूरी कक्षा में सिर्फ सात स्टूडेंट्स की टॉफी ज्यों की त्यों थी और बाकी स्टूडेंट्स उसे खाते हुए स्वाद पर टिप्पणी कर रहे थे। शिक्षक ने चुपचाप सातों बच्चों के नाम डायरी में लिख लिए।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शिक्षक, प्रोफेसर बॉल्टर मिशेल लंबे समय तक इन सात और अन्य स्टूडेंट्स पर शोध करते रहे। लंबी भागदौड़ से उन्हें पता चला कि उन सात बच्चों ने जिंदगी में कई सफलताएं पाई और वे अपने-अपने क्षेत्र में सबसे सफल लोगों में है। प्रोफेसर वॉल्टर ने कक्षा के बाकी छात्रों की भी समीक्षा की और पाया कि ज्यादातर सामान्य जीवन जी रहे हैं, जबकि कुछ की आर्थिक व सामाजिक परिस्थितियां बहुत अच्छी नहीं हैं।

इस सारे प्रयास और शोध का नतीजा एक वाक्य में निकलाः ‘जो व्यक्ति 10 मिनट के लिए भी धैर्य नहीं रख सकता, वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता। दुनियाभर में मशहूर हुए शोध का नाम ‘मार्श मेलो थियोरी’ है क्योंकि प्रोफेसर ने बच्चों को ‘मार्श मेलो’ नाम की टॉफी दी थी। इस सिद्धांत के मुताबिक दुनिया के सबसे सफल लोगों में ‘धैर्य’ का विशेष गुण पाया जाता है क्योंकि यह गुण इंसान की ताकत बढ़ाता है जिससे इंसान मुश्किल परिस्थितियों में निराश नहीं होता।

चिंताजनक हालातों से बाहर निकलना आसान है!

अगर आप चिंता में डूबे रहेंगें, तो किसी भी काम में एकाग्रता हासिल नहीं कर पाएंगे। और एकाग्रता भंग होगी तो अंततः आपके जीवन में खुशी का अभाव रहेगा और तनाव व अवसाद बढ़ता जाएगा। सवाल है कि चिंता दूर करने के लिए क्या किया जाए? इसे दूर करने की तीन अवस्थाएं हैं। पहला तो हर परिस्थिति का निर्भयता और ईमानदारी से विश्लेषण करना चाहिए और इस निर्णय पर पहुंचना चाहिए कि असफलता के कारण क्या अधिकतम अनिष्ट ( घृणा उत्पन्न करनेवाला ) हो सकता है।

दूसरा चरण है कि बुरे से बुरे का आकलन करने के बाद आप उसे आवश्यकतानुसार स्वीकार करने का दृष्टिकोण अपना सकते हैं। इसके फलस्वरूप एक अत्यंत महत्पूरण परिवर्तन होगा और तुरंत ही हल्कापन और एक तरह की शांति का अहसास होगा। और तीसरी अवस्था में आप शांत भाव से उस संभावित अनिष्ट का हल निकालने में जुट जाएंगे।

इन मनोवैज्ञानिक विधियों का विश्लेषण करके आपको चिंता से निकलने का रास्ता मिलेगा। चिंता करने से सबसे ज्यादा निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। व्यावहारिक मनोविज्ञान के जन्मदाता प्रो. विलियम्स जेम्स का कथन था कि अपनी स्थिति को जैसी है वैसी ही स्वेच्छा से स्वीकार कर लो। स्वीकार करना दुर्भाग्य के किसी परिणाम पर विजय पाने का पहला कदम है। चीनी दार्शनिक लिन युटांग ने कहा था कि स्वीकार करने से मन को एक असीम शांति मिलती है। स्वीकारने के बाद खोने को कुछ नहीं रह जाता। इसके बाद निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर हो जाती है।

तनाव देने वाले विचारों को कैसे नष्ट करे –

तनाव का सदुपयोग करना सीखे – तनाव प्रेरित भी करता है। अगर हम इच्छानुसार तनावयुक्त और तनावमुक्त होने के तरीके सीख लें, तो हम उस तनाव का सदुपयोग कर सकेंगे जो हमारे लक्षों की पूर्ति में सहयोग देता है और उस तनाव को नष्ट कर सकेंगे जो अनावश्यक दबाव डालता है।

खुद को सर्वश्रेष्ठ लोगों के अनुसूप ढ़ाल लें – हर काम में उत्कृष्टता का प्रयास करें, हर काम सर्वश्रेष्ठ तरीके से करें। इससे संतुष्टि मिलती है। सर्वश्रेष्ठा के साथ प्रतियोगिता करें। बड़ी चुनौती का सामना करके ही यह जान पाएंगे कि आप कितने काबिल हैं। खुद को सर्वश्रेष्ठ लोगों के व्यवहार के अनुरूप ढालें।

विरोधियों को बोलने का मौका जरूर दे –

इंसान संकट में कहीं अधिक सीखता हैं – पुरानी कहावत है- कोई जोखिम नहीं, कोई लाभ नहीं। नुकसान की संभावना सफलता के लिए आवश्यक है। सफलता चाहने वाले लोग जोखिम लेते हैं और कई बार जोखिम लेने की वजह से उन्हें नुकसान भी होता है। नए काम की कोशिश करने वाले ज्यादातर लोग शुरू में असफल ही होते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है।

बहस में असहमति का स्वागत करना सीखें – बहस से बचने के लिए असहमति का स्वागत करना सीखें। अगर आपको कोई नया पहलू दिखाया जा रहा है जिसके बारे में आपने नहीं सोचा है, तो कृतज्ञ रहें कि उस तरफ आपका ध्यान दिलाया गया है। शायद यह असहमति एक अवसर हो। अपने विरोधियों को बोलने का मौका दें। हो सकता है वो सही हों।

उम्मीद बनाए रखिए… रास्ते खुद-ब-खुद खुलते जाएंगे –

उम्मीद हमेशा होती है – अगर विश्वास नहीं करेंगे, तो शायद वह चीज हासिल न कर पाएंगे, जो चाहते हैं। कोई कहे कि बाहर तोहफे में फरारी खड़ी है और अगर मैं विश्वास ही न करूं, तो बाहर नहीं जाऊंगा। क्या पता सच में फरारी खड़ी हो!

किन चीजों की उम्मीद रखें – सिर्फ रुपयों पैसों पर केंद्रित उम्मीदें पूरी नहीं होती। आज अगर आप अपनी संभावनाओं का भरपूर इस्तेमाल करके सर्व देने को तैयार हैं, तो इस बात की पूरी उम्मीद है कि कल आप अपने उद्देश्य में सफल होंगे।

हम आशा करते हैं कि आप इन सभी प्रेरणादायक बातों को अपने जीवन में जरूर अपनाएंगे और एक सफल जीवन का निर्माण करेंगे। दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा की सकारात्मकता पर यह आर्टिकल आपको कैसा लगा ? ताकि हम ऐसे ही ओर प्रेरणादायक आर्टिकल आपके लिए प्रकाशित करते रहें।

इसे भी पढ़े

उम्मीद आप में ही है

लंबे जीवन का रहस्य है सकारात्मकता

महान पुरुषों की 3 प्रेरणादायक कहानियां

अच्छा करने वालों की मदद करना आशावाद है

Leave a Reply

Your email address will not be published.