September 24, 2022
Positive Thinking In Hindi.

पॉजिटिव कैसे सोचे । Positive Thinking In Hindi

Positive Thinking In Hindi

कनाड़ा की ओंटारियो यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार कुंठा और तनाव के लगभग 64 फीसदी मरीजों का यह मानना था कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी बीमारी की वजह उनके अंदर दबा गुस्सा हो सकता है। लोग अगर अपनी तकलीफें अपनों से साझा करें, तो दुख कम हो जाता है। और यहीं आती है सकारात्मकता की भूमिका।

येल यूनिवसिंटी के एक अध्ययन में सामने आया कि यदि परेशानी साझा की जाए, तो मन हलका हो जाता है; लेकिन यदि वही परेशानी मन की चारदीवारी में कैद होकर रह जाए, तो उसका बुरा असर होता है।

नकारात्मकता मन की वे गांठें है, जिनके कारण हमारी जीवन ऊर्जा इनमें ही अटक कर रह जाती है और हम इनके कारण आगे नहीं बढ़ पाते। यदि हमें अपने जीवन में आगे बढ़ना है, तो कांटों के समान नकारात्मकता को हटाना होगा। अन्यथा ये हमें इतने चुभेंगे कि इनके कारण हमें वहीं रुकना होगा।

मन को नकारात्मकता से मुक्त करने के लिए अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति जरूरी है। यदि यह व्यावहारिक तौर पर नहीं हो सकती, तो इसे कागज पर लिख सकते हैं। हमें यह समझना जरूरी है कि कुछ चीजों को बदलना हमारे हाथ में नहीं है। वर्तमान समय हमारे साथ है और भविष्य सामने। इसे ही सुधारने व संवारने की जरूरत है।

Positive Thinking In Hindi

‘डील योर इनर वुड्स’ पुस्तक के लेखक और मनोचिकित्सक एबी वाइन के अनुसार अगर आप अंदर से हलके और साफ नहीं होंगे तो बाहर चाहे कितना भी साफ सफाई से रहने का प्रयास क्यों न कर लें; मानसिक व शारीरिक तौर पर बीमार रहेंगे। जब आप बच्चे होते हैं, तो बिना संकोच रोते हैं, गुस्सा निकालते हैं लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं; वैसे-वैसे अपनी भावनाओं की स्वतः अभिव्यक्ति करने में रोक लगा देते हैं। इसका परिणाम अच्छा नहीं होता।

मनोविशेषज्ञों के अनुसार अगर कोई पुरानी बात मन में बार-बार उभर कर आ रही है तो उसे गंभीरती से न लें; बल्कि उस घटना से संबंधित व्यक्ति को माफ करें, स्वयं को भी माफ करें और अपने मन को उस मनोग्रंथि के बोझ से हलका करें। नकारात्मकता से पार पाने के कई व्यावहारिक तरीके भी हैं –

1. आप जो आज हैं वो कल नहीं थे –

आप जो आज हैं वो कल नहीं थे इसलिए जो आप आज हैं उस पर ज्यादा फोकस करने की बजाय या खुद को किसी लेबल के नीचे दबाने की बजाय इस पर विचार करने की कोशिश कीजिए कि आखिर कैसे और कितनी जल्दी आप इतने परिपक्व हो गए, कैसे आपने यहां तक का सफर तय किया। जो आप पहले थे, जैसे भी आप पहले थे, उससे कितना कम या कितना ज्यादा बदलाव आपने खुद में महसूस किया।

2. भविष्य की कल्पना करना जरूरी –

आप भविष्य में क्या और कैसे होना चाहते हैं इसका जवाब केवल आपके पास ही हो सकता है। इसके लिए पहला कदम है अपने भविष्य की कल्पना करना। इस काल्पनिक यात्रा को शुरू करने का सबसे अच्छा और सरल तरीका है- डायरी लिखना। शुरुआत ये लिखकर की जा सकती है कि वो कौन सी तीन महत्वपूर्ण चीजें हैं जो आपकी मदद करेंगी, वहां पहुंचने में जहां भविष्य में आप पहुंचना चाहते हैं।

3. एसीसी से दोस्ती करें –

एक शोध में दो मनोविशेषज़ों ने देखा कि समस्या के सामने आते ही दिमाग के एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स (एसीसी) हिस्से में हलचल शुरू हो जाती है। यह एसीसी मस्तिष्क में परस्पर विरोधी संकेतों का पता लगाने का काम करता है। जब एसीसी सक्रिय होता है, तो दिमाग ये कमजोर आइडिया या सिग्नल की ओर ध्यान देता है। अच्छा मूड एसीसी को अधिक सक्रिय करता है। अच्छे मूड में हम सुरक्षित महसूस करते हैं। सक्रिय एसौसी के साथ हम कमजोर सिग्नल्स को दुरुस्त करने, जोखिम लेने के लिए तैयार रहते हैं। इसलिए रचनात्मक कामों के लिए अच्छा मूड होना जरूरी है।

4. दूसरों के कारण हमारा मन क्यों खराब हो जाता है –

हममें से अधिकांश लोग दूसरों की भावनाओंके प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। छोटा-सा भी बाहरी कारक हमारे कामकाज या घर में हमारे व्यहार को प्रभावित कर देता है। पर अच्छी बात ये है कि हम दूसरों की भावनाओं से खुद को अप्रभावित रखना सीख सकते हैं।

भावनाओं के दो लोकप्रिय सिद्धांत होते हैं। पहला संज्ञानात्मक मूल्यांकन ध्योरी है, जो कहती है कि अपनी भावनाओं के अनुभवको आप अपनी अपेक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन करते रहते हैं। जैसे कि कुछ रोचक खबर सुनाने के लिए आप भागकर घर पहुंचते हैं। पर आपसे हाल-चाल पूछने के बजाय घरवाले कमरे से चले जाते हैं, और आपका मूड़ खराब हो जाता है। यहां आपकी अपेक्षा से विपरीत काम हुआ, इसलिए आपका मूड बिगड़ गया।

जिंदगी में सबके साथ अच्छा या बुरा होता है। इसे नकारात्मक दृष्टि से नहीं, बल्कि सकारात्मक दृष्टि से देखने की जरूरत है।

दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा की ” पॉजिटिव कैसे सोचे “। Positive Thinking In Hindi आर्टिकल आपको कैसा लगा ?

इसे भी पढ़े

सही सोच की शक्ति

उम्मीद आप में ही है

सुप्रसिद्ध पॉजिटिव स्टेटस

अपना व्यक्तित्व विकास कैसे करें

लंबे जीवन का रहस्य है सकारात्मकता

किताबो से ज्यादा दुनिया के अनुभव ज्यादा जरुरी

Leave a Reply

Your email address will not be published.