September 24, 2022
Motivational Story In Hindi.

उम्मीद आप में ही है। Motivational Story In Hindi

उम्मीद आप में ही है
Motivational Story In Hindi

उम्मीद उत्प्रेक की तरह काम करती है। यह असंभव से लगने वाले अवरोधों को भी आपके रास्ते से हटा सकती है। जब आप हार मानने से इंकार कर देते हैं, खुद को लगातार पुश करते हैं, तब एक मोमेंटम यानी गति पैदा होती है। उम्मीद से ऐसे अवसर पैदा होते हैं, जिनका आपने अनुमान नहीं लगाया होता है। मददगार लोग आपके पास आते हैं। राहें खुलती हैं। इस चीज का ख्याल रखें कि जब कुछ क्रिया करेंगे तभी उसकी प्रतिक्रिया होगी। जब आप निराश हो जाएं कि लगे अब अपने सपनों से समझौता करने का वक्त आ गया है, तो खुद को सिर्फ एक और दिन कोशिश करने के लिए कहें, सिर्फ एक और महीने, सिर्फ एक और साल।

मुंबई की झुग्गियों से लेकर चीन के अनाथालय और रोमानिया के जेल तक। मैंने इन सारी जगहों को पढ़ कर महसूस किया कि लोगों की शानदार क्षमताएं परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। आपके रास्ते में कैसी भी चुनौतियां आएं, अपनी योग्यताओं पर कभी भी सवाल खड़ा न करें। याद रखें कि जहां दुख होगा, वहीं आसपास कहीं कोई उद्देश्य भी होगा। जरूरत दुख भूलकर उद्देश्य खोजने की है।

खुशी का यह सिद्दांत रोजमर्रा के जीवन में बहुत कारगर है –

सफलता से खुशी का अस्थायी एहसास हो सकता है, या कोई दुखद घटना हमें निराश कर सकती है, लेकिन देर-सवेर हमारी खुशी अपने न्यूनतम स्तर पर लौट आती है। मनोवैज्ञानिक इस प्रक्रिया को अनुकूलन कहते हैं। यह सिद्धांत हमारे रोजमर्रा के जीवन में काम करता है। वेतन वृद्धि, नई गाड़ी या अपने साथियों द्वारा की गई प्रशंसा हमें कुछ देर के लिए खुशी दे सकती है। लेकिन, हम जल्द ही खुशी के अपने सामान्य स्तर पर लौट आते हैं। इसी तरह किसी मित्र से हुई नोक-झोंक, मरम्मत के लिए गई हुई गाड़ी या कोई छोटी चोट हमें दुखी कर सकती है लेकिन कुछ ही दिन में सामान्य खुशी वापस आ जाती है।

अपनी बाहरी परिस्थितियों के बावजूद अगर हम खुशी के अपने आधारभूत स्तर पर लौट आते हैं, तो वह क्या चीज है जो उस आधार को निर्धारित करती है? इससे भी जरूरी यह है कि क्या इसे बदलकर पहले से ज्यादा उच्च स्तर पर लाया जा सकता है ? मनोवैज्ञनिको का मानना है कि प्रकृति ने हमें खुशी का चाहे जो भी स्तर निर्धारित करके दिया हो, हम मस्तिष्क,के साथ कुछ ऐसे कदम उठा सकते हैं जिनसे हमारी खुशी के भाव में वृद्धि हो सकती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि हर पल मिलने वाली खुशी हमारे द्रष्टिकोण पर निर्भर है। किसी भी समय पर सुख या दुख का हमारी स्थिति से कोई संबंध नहीं होता, बल्कि यह इस पर निर्भर है कि हम अपनी स्थिति को किस तरह देखते हैं।

रजनीकांत की प्रेरणादायक कहानी ( सुप्रसिध्द अभिनेता ) –

1977 की बात है । एक प्रोड्यूसर ने अपनी फिल्म में महत्पूर्ण रोल देने के लिए रजनीकांत को बुलाया। फिल्म का मुख्य हीरो कोई और था। वह छह हजार रुपए में फिल्म करने तैयार हो गए और प्रोड्यूसर से एक हजार रुपए एडवांस की बात की। प्रोड्यूसर ने कहां कि फिलहाल उनके पास पैसे नहीं है, लेकिन वे अगले दिन पैसे दे देंगे। अगले दिन एवीएम स्टूडियो की कार रजनीकांत को लोकेशन पर ले जाने के लिए आ गई। शूटिंग से पहले उन्होने एडवांस देने की बात की। प्रोड्यूसर ने गुस्से में कहांं, कि तुम अभी हीरो नहीं हो, बिना एडवांस के काम नहीं कर सकते, तो तुम्हारी यहां कोई जरूरत नहीं है और गेट आउट बोल दिया।

बस से अपने घर वापस आते हुए रजनीकांत शहर में लगे अपने पोस्टर देख रहा थे। लोग बस में उन्हें पहचान भी रहे थे। लेकिन उनके मन में एक ही बात चल रही थी कि जिस स्ट्रडियो में उनका अपमान हुआ है, उसी स्ट्रडियो में विदेशी कार से वापस आऊंगा। चार साल बाद एवीएम स्ट्रडियो के मालिक से ही उन्होनें 4.25 लाख रुपए में फिएट कार खरीदी। ड्राइवर भी विदेशी रखा। इतने कम समय में इस सफलता का श्रेय वे अपनी कड़ी मेहनत और अपनी प्रतिभा को नहीं देते। कोई सिर्फ अपनी बुद्धिमत्ता और काम की बदौलत नहीं जीत सकता, ये सब तो उसकी सफलता में सिर्फ 10 फीसदी भूमिका निभाती है।

हर चीज को समय, जगह, परिस्थितियों के साथ लोगों के सहयोग, विश्वास और शुभकामनाओं की जरूरत होती हैं। वे अपने अभिनय में कोई खास प्रोग्रेस नहीं देखते। आप किसी भी क्षेत्र में, जितना काम करते जाएंगे, उतना आत्मविश्वास आता जाएगा। निरंतर काम आपको निखारता है और आपकी शाख्सियत को भी। इस दुनिया में बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता है। मिल भी गया, तो वो कभी फलीभूत नहीं होगा। वे परिश्रम के साथ-साथ ईश्वर में भरोसा करता थे। मानता हूं कि अगर ये सृष्टि है, तो इसका सृष्टा भी होगा। हमारी जिंदगी का असल मकसद खुद को पहचानना है। खुद को पहचानने के लिए वे आध्यात्मिकता की राह पर है।

दूसरों की सफलता देखकर दुखी न हों। ईश्वर अगर बुरे इंसानों को सब कुछ दे रहा है, लेकिन वे लोग अंततः सफल नहीं होते। अच्छे मनुष्यों की भगवान परीक्षा लेता है, लेकिन वो कभी उन्हें निराश नहीं होने देता। जीवन में नकारात्मक व्यक्तियों की बातों पर ज्यादा प्रतिक्रिया करने की जरूरत नहीं है। आप जितना कम प्रतिक्रिया करेंगे, अंदर से उतना शांत रहेंगे। अगर आपका भोजन पेट में ही रहे, तो स्वास्थ्य खराब होना तय है। ठीक वैसे ही पैसा आपकी जेब में रहा, तो जीवन भी निर्थक रह जाएगा।

दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा की यह, उम्मीद आप में ही है। Motivational Story In Hindi आपको कैसा लगे ?

इसे भी पड़े

जिंदगी पर 40+ सर्वश्रेष्ठ सुविचार

Motivational Quotes In Hindi

लंबे जीवन का रहस्य है सकारात्मकता

अच्छा करने वालों की मदद करना आशावाद है

Leave a Reply

Your email address will not be published.