September 24, 2022
Best 3 Motivational Speech Hindi Given By Most Successful People

असफलता पर सफलता पाने वाले लोगो की स्पीच । Motivational Speech Hindi

Best 3 Motivational Speech Hindi
Given By Most Successful People

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपके साथ उन लोगों की प्रेरणादायक स्पीच साझा कर रहे हैं, जिन्होंने न केवल असफलता पर सफलताओं को प्राप्त किया बल्कि अपनी मुश्किल घड़ी में भी उनके पैर अपने लक्ष्य से नहीं डगमगाए। सफलता पाने के लिए उन्होंने हर वह पतरा आजमाया जिसका संकेल उनके रचनात्मक दिमाग ने उन्हें दिया और आज वे लोगों के सामने ऐसे प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं कि आज हर इंसान उन्हें पढ़ना और जानना चाहता है।

हम आशा करते हैं कि इन प्रेरणादायक स्पीच को पढ़ने के बाद आप भी अपने लक्ष्य की ओर सही दिशा में बढ़ना आरंभ कर देंगे और एक रचनात्मक दिमाग का निर्माण कर सफलता अवश्य प्राप्त करेंगे। तो आइए एक बार जरूर पढ़े 3 जबरदस्त प्रेरणादायक स्पीच –

1. दृष्टि से ज्यादा दृष्टिकोण विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण

दो साल की उम्र में ही मेरी आंखों की रोशनी और सुनने की क्षमता खत्म हो गई। धीरे-धीरे खामोशी और अंधकार ने मुझे घेर लिया। सात साल की उम्र तक किसी तरह जिंदगी घिसटती हुई चलती रही, लेकिन फिर मेरे जीवन में आई- मिस सुलिवन, उनसे मुलाकात वाले दिन को मैं अपनी जिंदगी का सबसे खुशकिस्मत दिन मानती हूं।

शुरू-शुरू में, मैं सिर्फ संभावनाओं को छोटा-सा केंद्र भर थी, वह मेरी शिक्षिका सुलिवन ही थीं, जिन्होंने उन संभावनाओं को विकसित किया। कोई भी शिक्षक बच्चे को कक्षा में तो ले जा सकता है, लेकिन हर शिक्षक बच्चे को शिक्षा ग्रहण करना नहीं सिखा सकता। सुलिवन की सोहबत में मुझे अहसास हुआ कि मैं महान और अच्छे काम करना चाहती हूं, पर उन्होंने सिखाया कि यह भी मेरा परम कर्तव्य है कि मैं छोटे कामों को भी ऐसे करूं जैसे कि वो महान और नेक हों। उनकी शिक्षा और प्रेम का ही असर था कि मैं साइन लैंग्वेज विकसित कर पाई, 14 किताबें और सैकड़ों आलेख लिख पाई।

सुलिवन से मिलने के बाद अहसास हुआ कि अकेले तो हम थोड़ा ही काम कर सकते हैं, पर एक साथ मिलकर हम बहुत कुछ कर सकते हैं। फिर मैंने अपने जीवन से ही शिक्षा पाई। दृष्टिहीन होने के बावजूद मेरा दृष्टिकोण था। मेरा मानना है कि दुनिया में सबसे दयनीय व्यक्ति वह है जिसके पास दृष्टि तो है लेकिन दृष्टि (विजन) नहीं है। – हैलेन की आत्मकया से साभार

2. इलोन मस्क और टेस्ला की सफलता –

‘टेस्ला’ के लिए तीन साल बेहद बुरे थे, 2017 से 2019 तक। इस दौरान जिस दर्द से हम गुजरे, उसकी कल्पना भी मुश्किल है। मेरे लिए इससे लड़ने के सिवा कोई चारा नहीं था। हम लगभग दिवालिया होने की कगार पर आ खड़े हुए थे। ये तकलीफ तीन साल तक मुझे परेशान करती रही लेकिन मैं जानता था कि कुछ ना किया गया तो ‘टेस्ला’ खत्म हो जाएगी।

हमने फैक्टरी के ऑटमेशन में बेहिसाब पैसा खर्च किया था, जरूरत से ज्यादा ऑटोमेशन हुआ। जब हमने यह फैक्ट्री शुरू की थी, तो मुश्किल यह नहीं थी कि हम प्रोटोटाइप बना रहे हैं या कम प्रोडक्शन पर टिके रहेंगे। मुश्किल यह था कि हम तादाद में कारें बनाएं और वो भी बिना दिवालिया हुए। आपको बता दूं कि बीते 100 साल में ऐसा सिर्फ एक कंपनी कर पाई है और वो है क्राइसलर, जिसने 1920 में ऐसा किया था। ब्लूमबर्ग ने एक बार रिपोर्ट किया था कि एक साल में इलेक्ट्रिक कारों के 500 स्टार्टअप शुरू हुए, तो आप समझ सकते हैं कि स्टार्टअप को बड़े प्रोडक्शन में तब्दील करना कितना मुश्किल है।

टेस्ला शुरू करने के कुछ साल बाद हमें समझ आया कि फैक्ट्री में भारी गड़बड़ है। ‘मॉडल 3′ की प्रोडक्शन लाइन पूरी तरह गड़बड़ाई हुई थी। सेल से लेकर पैक तक, ड्राइविंग मौटर से लेकर बॉडी लाइन और पेंट शॉप तक सब बिगड़ा हुआ था। मैंने यह मॉडल बनाने वाली सभी फैक्ट्री में काफी वक्त बिताया, मैं फ्रीमान्ट और नेवादा में तो लगभग बस ही गया था।

तीन साल तक इस प्रोडक्शन लाइन को ठीक करवाता रहा। पागलों की तरह फैक्टरयो के एक कोने से दूसरे कोने तक दौड़ता रहता था। पूरे वक्त अपनी टीम के साथ रहता, मैं जमीन पर सोता था, जानता था कि मैंने हार मान ली तो सब खत्म हो जाएगा। फैक्ट्री में काम करने वाले जब मुझे जमीन पर देखते थे, तो उन्हें मुश्किल वक्त से लड़ने की हिम्मत मिलती थी और वो जान जाते थे कि मैं सपनों की दुनिया में जीने वालों में से नहीं हूं।

जो दर्द वो महसूस करते थे मैं उससे ज्यादा अपनाने की कोशिश करता था। अगर आप तीन साल पहले की ‘गीगाफैक्ट्री’ देखें तो वो बिल्कुल अलग थी, और आज वह पूरी तरह बदल चुकी है। अब मैं दावे के साथ कह सकता हू की मैन्युफैक्चरिंग को मुझसे अच्छा कोई नहीं जानता होगा। मैं यह दावा इसलिए कर सकता हूं कि मैंने तीन साल तक इस फैक्ट्री को जिया है।

दिक्कते कभी भी सिर उठा सकती हैं। आप काम शुरू करके बैठ नहीं सकते। ऐसा स्पेसएक्स के साथ भी हुआ। हमने कंपनी शुरू तो कर ली, लेकिन तीन बड़ी असफलताएं झेलीं। कोई काम अपने आप नहीं चल सकता। अगर आपने अपने दिमाग में उसे पैदा किया है, तो मरते दम तक उसके साथ रहना होगा।

(14 अप्रैल 2022 को ‘टेड 2022′ में अमेरिकी आंन्त्रप्रेन्योर इलॉन मस्क। मस्क ने टि्वटर खरीदने के लिए ऑफर दिया है)

3. दीपिंदर गोयल और जोमाटो की सफलता –

‘हमारी असल शुरुआत 2008 में ‘फूडी बे’ से हुई। इसकी शुरुआत बढ़िया हुई और यह नाम हमने डेढ़ साल तक उपयोग में लिया। फिर हमें पहली फंडिंग मिली। इसके तुरंत बाद हम ‘जोमाटो’ हो गए। 2012 में हम दो राहे पर खड़े थे। एक राह हमें दूसरे बिजनेस की तरफ ले जा रही थी और दूसरी इसी बिजनेस को दूसरे देशों में ले जा रही थी। हमने दूसरी राह चुनी। यह आइडिया काम कर गया।

हमने दुबई में जोमाटो शुरू किया। छह महीने में ही हमें दुबई की आबादी से ज्यादा ट्रैफिक मिलने लगा। इस सफलताने हमें झूठा कॉन्फिडंस दिया कि हम किसी भी बाजार में काम कर सकते हैं। अगले महीनों में दस देशों में लॉन्च होने के बाद हमने लगभग सिर पकड़ लिया क्योंकि इनमें से आधे में हम असफल साबित हुए थे। इससे हमने सीखा कि एक ही शैली से सभी जगह काम नहीं हो सकता। उस जगह के माहौल के हिसाब से हमें अपने बिजनेस में बदलाव करना होगा। यह बदलाव देश के नहीं शहरी स्तर पर करना होगा तभी हम सफल होंगे।

अच्छा यह था कि यह हम जल्द समझ गए थे तभी आगे बढ़ पाए। बदलाव लाते गए और बाजार जीतते गए। मैं सोचता हूं कि अपनी लड़ाई आपको ही चुननी होती है। हमारे कल्चर में हम सोचते हैं कि अगर ये लड़ाई आपकी जान लेने वाली है, तो वहां से भागने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि जिंदा रहे तो कल फिर लड़ंगे। अगर आप भागेंगे नहीं और लड़ते रहेंगे तो एक ना एक दिन मारे जाएंगे। हर इलाके में हम यही बात अपनाते रहे, जहां लड़ सके…वहां लड़े और जहां हारते दिखे, उस वक्त के लिए मैदान छोड़ दिया।

हम जानते हैं कि हमारी कंपनी में काम करना आसान नहीं है, क्योंकि हमारा कल्चर अलग ही तरह का है। हमारे यहां वो इंसान काम नहीं कर सकता जो आधा दिन वर्क फ्रॉम होम करने की इच्छा रखता हो क्योंकि हम टीम वर्क में यकीन करते हैं। ऐसे लोगों को हमारे यहां अर्जी देने की भी जरूरत नहीं है।

हमने शुरू से ही यह तय कर रखा है कि ये हमारा आइडिया है और हमें इस तरह के लोगों के साथ काम करना है, जो हमारे लिए कल्चर तैयार करेंगे। हम ऐसी कंपनी नहीं हैं जहां हर कोई काम कर ले। हम ही क्या दुनिया की कोई भी कंपनी ऐसी नहीं होती जहां हर तरह के इंसान के लिए जगह हो।’

हम आशा करते हैं कि “असफलता पर सफलता पाने वाले लोगो की स्पीच” आपको पसंद आई होंगी। जिससे आपको प्रेरणा और अपने लक्ष्य प्राप्त करने में सहयोग मिलेंगा। दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा की Motivational Speech Hindi आपको कैसी लगी ? ताकि ऐसी ही ओर Speech हम आपके लिए प्रकाशित करते रहे।

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