September 24, 2022
Mahatma Gandhi Biography In Hindi

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन परिचय । Mahatma Gandhi Biography In Hindi

Mahatma Gandhi Biography In Hindi – दोस्तों आज दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो महात्मा गांधी को ना जानता हो एक पिता की तरह भारतीय जनता ने गांधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि दी थी जिन्हें अक्सर बापू के नाम से भी जाना जाता है। वे अपना जीवन सादगी एवं सरलता से जीते थे जिन्होंने अपनी अहिंसा की विचारधारा से काफी लोगों को प्रभावित किया। अहिंसात्मक तरीके से ही उन्होंने कई आंदोलन चलाए और भारत को आजादी दिलाने में सफलता भी हासिल की।

जब गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से अपनी पढ़ाई पूर्ण कर अपने स्वदेश भारत लौटे तो भारतवासियों की स्थिति ने उन्हें अंदर से काफी आघात पहुंचाया। अंग्रेजों द्वारा भारत वासियों पर किए जा रहे जूल्म बापू से ना देखे गए और उन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा आंदोलन जैसे कई आंदोलन शुरू कर दिए। भारत छोड़ो आंदोलन उनमें सबसे ज्यादा प्रभावी रहा जिसने अंग्रेजी हुकूमत को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

महात्मा गांधी का जीवन परिचय – Mahatma Gandhi Biography In Hindi

 पूरा नाममोहनदास करमचन्द गांधी
उपनाम गांधी जी, राष्ट्रपिता, बापू
 जन्म 2 अक्टूबर 1869
 जन्म स्थान गुजरात, पोरबंदर
पिता का नामकरमचंद
माता का नामपुतलीबाई
धर्महिन्दू
पत्नी और विवाहकस्तूरबा गाँधी (1883)
बच्चे रामदास, देवदास, हरिलाल, मणिलाल
राजनैतिक पार्टीभारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस
शिक्षालंदन से बैरिस्टर की डिग्री

गांधी जी का प्रारंभिक जीवन Mahatma Gandhi Story In Hindi

एक कट्टर हिंदू परिवार में जन्मे महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। गांधीजी का वास्तविक नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनके पिता का नाम करमचंद था और माता का पुतलीबाई। इनके माता-पिता काफी धार्मिक विचारधारा के इंसान थे। हांलाकि उनके माता-पिता पढ़े-लिखे तो नहीं थे किंतु जीवन के संघर्षों ने उन्हें हर चीज को भली-भांति समझने का ज्ञान दे दिया था।

वे नही चाहते थे उनका बेटा मोहनचंद इसी अंग्रेजी हुकूमत का बाशिंदा बने| इसी पर इन्होने मोहनदास का दाखिला स्थानीय सामलाल कॉलेज में दिलाया| गांधीजी की शादी 13 साल की बेहद ही कम उम्र में 14 साल की कस्तूरबाई माखंजी कपाड़िया (कस्तूरबा गांधी) से हो गई थी। जिसके बाद इनके चार बेटे हुए, जिनके नाम रामदास, देवदास, हरिलाल और मणिलाल था।

उनका भारत छोड़ो आंदोलन इतना प्रभावी था कि उसने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया और इतनी कड़ी मेहनत के बाद 15 अगस्त 1947 को राष्ट्रपिता गांधी जी भारत को आजादी दिलाने में कामयाब रहे। किंतु अनहोनी को कुछ ओर ही मंजूर था, आजादी के मात्र 30 दिन बाद ही नाथूराम गोडसे ने गांधी जी को मुसलमालो का हमदर्द बताकर गोली मार हत्या कर दी।

गांधी जी की हत्या पर एक अंग्रेजी ऑफिसर के शब्द थे – जिस गांधी को हमने इतने सालों तक कुछ भी नहीं होने दिया, ताकि भारत देश में हमारे खिलाफ जो माहौल बना है, वह और न बिगड़ जाए, उस गांधी को आज़ाद भारत एक साल भी जीवित नहीं रख सका।”

गांधीजी की शिक्षा – Mahatma Gandhi Education

कहा जाता है कि गांधीजी स्कूल के अपने शुरुआती दिनों में पढ़ाई में कुछ खास बुद्धिमान नहीं थे। यह कहना तो दूर कोई सोच भी नहीं सकता था कि आगे चलकर यही इंसान भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद करवाएगा। एक बार कक्षा में बात करते हुए उनके सहपाठी ने उन्हें बताया कि अंग्रेज लोग भारत पर राज इसीलिए करते हैं क्योंकि वे सब मांस खाते हैं, जो उन्हें शक्ति देता है। यही उनकी शक्ति का राज है। अपने दोस्त की बात सुनकर नादान और शाकाहारी गांधी जी ने देशभक्ति में मांस तो खा लिया किंतु मांस खाने के बाद वे पूरी रात ना सो सके।

स्कूल के वे नादानी में बिताए हुए दिन ही थे कि गांधीजी मांस के साथ-साथ चोरी और धूम्रपान जैसे आदतों के शिकार हो गए। लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होने लगा और वे अपनी बुरी आदतों पर शर्मिंदा होने लगे। अपनी शर्मिंदगी को मिटाने के लिए उन्होंने घरवालों को अपनी सारी हरकतों के बारे में बता दिया और माफी मांगते हुए अपनी गलती का पश्चाताप किया। गांधीजी किताबी पढ़ाई में कमजोर जरूर थे लेकिन प्रैक्टिकली तौर पर उन्होंने यह साबित कर दिया था कि आगे चलकर वे एक आम इंसान नहीं बनने वाले।

साल 1888 में गांधी जी ने कैसे ना कैसे अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी कर ली और उसमें उत्तीर्ण रहे। और फिर साल 1888 में उन्होंने भावनगर सामलदास कॉलेज से अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त की। फिर बाद में उन्हें 19 साल की उम्र में इंग्लैंड जाने का मौका मिला जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इंग्लैंड जाने से पूर्व इनकी मुलाकात एक जैन भिक्षु से हुई जिसके विचारों से गांधीजी काफी प्रभावित हुए और इनकी मानसिकता में अहम बदलाव आया। फिर गांधीजी लंदन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल कर स्वदेश भारत लौट आए।

गांधी जी के प्रमुख आंदोलन – Movements By Mahatma Gandhi

लंदन से अपनी बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त करने के बाद गांधी जी को कानूनों का भली-भांति ज्ञान हो गया था। जिसने उन्हें भारतीय जनता पर अंग्रेजों द्वारा हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कानूनी तौर पर लड़ने का हौसला दिया। इसी के बाद उन्होंने एक के बाद एक आंदोलन प्रारंभ किए जिसके बाद उनके आंदोलन को भारतीय जनता का खूब समर्थन मिला।

जब गांधीजी को एक के बाद एक आंदोलन में सफलता प्राप्त होने लगी तो वे लोगों में अंग्रेजो के खिलाफ आजादी की उम्मीद बनने लगे और सुभाष चंद्र बोस जैसे फ्रीडम फाइटर की प्रेरणा बन गए। एक बार सुभाष चंद्र बोस ने गांधी जी को एक रेडियो के माध्यम से राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। तब से आज तक हर भारतवासी उन्हें बाबू कह कर संबोधित करता है।

गांधीजी के एक के बाद एक सफल आंदोलन और उन पर जनता के सहयोग ने अंग्रेजी हुकूमत को यह एहसास दिला दिया था कि अब उनका राज भारत में ज्यादा दिन तक टिकने वाला नहीं है और फिर अंग्रेजों ने खुद ही भारत छोड़ने के संकेत दे दिए। गांधी जी द्वारा चलाए गए मुख्य आंदोलन –

आंदोलनसन्
1. चंपारण आंदोलन1917
2. खेड़ा आंदोलन1918
3. खिलाफत आंदोलन1919
4. असहयोग आंदोलन1920
5. भारत छोड़ो आंदोलन1942
6. सविनय अवज्ञा आंदोलन 6 अप्रैल, 1930
7. दांडी मार्च 12 मार्च,1930
8. गांधी-इरविन समझौता5 मार्च सन् 1931

गांधी जी ने अपनी पूरी जिंदगी देश की आजादी के लिए समर्पित कर दी। भारत को आजाद कराने के लिए उन्होंने बेहद कठिन संघर्ष किए। आजाद भारत का सपना देखने वाले फ्रीडम फाइटर महात्मा गांधी जी का जीवन काफी दुखद परिस्थितियों में बिता था। हालांकि उनके आंदोलन हमेशा अहिंसा के सिद्धांत पर ही होते थे किंतु फिर भी उन्हें कई बार जेल जाना पड़ता तो कभी अंग्रेजों की प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहे।

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और उनके सहयोगी हमारे सभी शहीद फ्रीडम फाइटर के द्वारा ही हम आजादी का जीवन बिता रहे है, एक आजाद पंछी की तरह उड़ रहे हैं इसीलिए वे सभी भारतीय इतिहास में हमेंशा अमर रहेंगे।

हम उम्मीद करते हैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन परिचय पढ़ने के बाद आपको सफलता पाने की प्रेरणा मिलेगीं। दोस्तो कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइगा की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन परिचय आपको कैसा लगा ? ताकि हम ऐसे ही ओर प्रेरणादायक जीवन परिचय आपके लिए प्रकाशित करते रहें।

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